SEO Marketing करियर से जुड़ी 6 महत्वपूर्ण बातें जो आपको सीखनी चाहिए

SEO Marketing करियर से जुड़ी 6 महत्वपूर्ण बातें जो आपको सीखनी चाहिए आज कल लोग वेबसाइट बनाकर ब्लॉग्गिंग से अच्छा इनकम generate कर रहे है, Blogging सबसे important फैक्टर है SEO (Search Engine Optimization).

SEO Experts की आज बहुत ही ज्यादा डिमांड है, ब्लॉग्गिंग के लिए और उसकी Google रैंक के लिए SEO बहोत जरुरी फैक्टर माना जाता है। आप SEO में अपने आप को इम्प्रूव करके, एक SEO Expert बनकर SEO मार्केटिंग और SEO का काम किसी के लिए कर सकता है।

SEO Marketing करियर से जुड़ी 6 महत्वपूर्ण बातें जो आपको सीखनी चाहिए

1. क्या SEO के लिए कोडिंग ज्ञान की आवश्यकता होती है?

नहीं! हमें SEO करने के लिए किसी भी कोडिंग की जरुरत नहीं होती, और आपके पास कोडिंग की नॉलेज है, तो और भी अच्छा है। 

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक सामान्य अभ्यास है जो सर्च इंजन के लिए वेबसाइट पेज को ढूंढना और उसे गूगल पर रैंक करना आसान बनाता है। हम अगर सारे SEO रूल्स और टेक्निक्स को फॉलो करते है तो हमारा SEO score बढ़ेगा, और हमारा आर्टिकल गूगल पर रैंक करेगा।

2. SEO Experts बनने के लिए आपको कोनसे Skills सीखने की जरूरत है?

1. On-Page & Off-Page SEO

On-Page SEO – वेबसाइट के content, speed, Page Titles, Headings, Keywords, meta descriptions, URL structure, Images SEO, Internal Linking, External Links को optimize करना उसे On-Page SEO कहते है।

Off-Page SEO –  Off-Page SEO ये वेबसाइट के बाहर होता है जैसे की backlink, Social Media Marketing, Guest Posting, Link Building को Off-Page SEO कहते है।

2. Google Ranking Factors

Google रैंकिंग Factors वो Factors हैं जो Google के Search Engine Result Pages (SERP) में किसी वेबसाइट की स्थिति को प्रभावित करते हैं। ये फैक्टर्स या तो बाहरी रूप से इनबाउंड लिंक और सामाजिक संकेतों जैसी चीज़ों से निर्धारित होते हैं, या आंतरिक रूप से वेबसाइट सामग्री और ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन जैसी चीज़ों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।

200 से अधिक विभिन्न रैंकिंग फैक्टर्स हैं जिन्हें Google यह निर्धारित करते समय ध्यान में रखता है कि किसी वेबसाइट को कहाँ रैंक करना चाहिए, लेकिन वे सभी महत्व के मामले में समान नहीं हैं। वास्तव में, सबसे महत्वपूर्ण रैंकिंग फैक्टर्स में से कुछ को नियंत्रित करना सबसे कठिन भी है।

3. Organic and Paid Ranking Keywords

Organic कीवर्ड का इस्तेमाल सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) के जरिए फ्री ट्रैफिक को आकर्षित करने के लिए किया जाता है।

Paid Ranking कीवर्ड्स पे-पर-क्लिक (पीपीसी) कीवर्ड होते हैं, जिन पर पेड सर्च मार्केटिंग अभियानों के माध्यम से बोली लगाई जाती है। Paid रैंकिंग कीवर्ड का meaning है ऐसे कीवर्ड चुनना जिनके लिए आप प्रदर्शन विज्ञापनों का भुगतान करते हैं।

4. Keyword Placement & Density

SEO में कीवर्ड्स placement और उसकी Keyword Density सही रखना SEO के लिए महत्वपूर्ण है, कीवर्ड्स की मदद से हम गूगल पर रैंक कर सकेंगे, उसके लिए आपको अपने आर्टिकल में Keyword Placement कैसे करना है, वह आना चाहिए।

Article में Keyword Placement कैसे करें ?

Main टाइटल में

मेटा डिस्क्रिप्शन में

हैडिंग में

परमालिंक में main कीवर्ड

पैराग्राफ में पहले 100-150 वर्ड के अंदर

Image Alt टैग में इमेज के नाम के साथ

Keyword Density Kya Hai?

Keyword Density का मतलब Number of Time Keywords place In an Article. आपके आर्टिकल में Keyword Density 0.50 से 3% के बिच में ही होनी चाहिए, इससे हमें हमारा आर्टिकल रैंक होने में मदद मिलती है। Keyword Density मतलब की आपने 1000 वर्ड्स का आर्टिकल लिखा तो उसमे आपका मैं कीवर्ड 10 से 15 बार आना चाहिए, 10 बार कीवर्डआये तो Keyword Density आपकी 1% होगी, और 15 बार कीवर्ड आता है तो 1.5 % आपकी Keyword Density होगी। 

Keyword Density कैसे Calculate करते है ?

Number of times Keyword is mentioned / Total number of words on the page/Post/Article = Keyword density

Example – (Number of times Keyword) 20 ÷ (Total number of words on the page/Post/Article) 2000 × 100 = 1% (Keyword Density)

5. Competitors Analysis

हमें हमारे कॉम्पिटिटर्स को analysis करना आना चाहिए, Competitors को Identify करना आना चाहिए।  हमारा जो competitor टॉप पर रैंक कर रहा है, उसके आर्टिकल को और कीवर्ड्स को analysis करों, उनसे comparison करके हमारे आर्टिकल और साइट में क्या कमी है वो कमी पूरी करनी आनी चाहिए।  competitors की कौन कौन सी Backlinks है वो चेक करों।

6. Readability

Readability एक मेजर फैक्टर है SEO को ऑप्टिमाइज़ करके रैंकिंग बढ़ाने के लिए।  Article लिखते समय Readability का ध्यान रखना जरुरी है। लोगों को अपने क्या लिखा है वो जल्दी समज आना चाहिए। आपका कंटेंट Readable होना जरुरी है,

क्युँ जरुरी है Readability – 1. यूजर को पढ़ने में कोई दिक्कत न हो। 2. Reader पेज पर रुकना चाहिए।  3. हमारे आर्टिकल से यूजर को अच्छा experience मिलना चाहिए, ताकि वह ज्यादा देर तक हमारे साइट पर रुके।

7. Backlinks

Backlinks एक मेजर फैक्टर है सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ करने का, हमारी वेबसाइट की High Quality बैकलिंक्स होगी तो, वह हमारी रैंकिंग को बूस्ट करेंगी, जितनी अच्छी बैकलिंक्स उतनी अच्छी रैंकिंग हमारी बढ़ती जाएगी।

Backlinks बनाना आपको आना चाहिए, हमेशा बैकलिंक लेने से पहले उस साइट की डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी जरूर चैक करो। हम guest posting और अपने सेम niche वाले साइट वालों से कॉन्टेक्ट करके बैकलिंक एक्सचेंज भी कर सकते है।

8. Schema Markups

Schema Markups वेबपेज की इनफार्मेशन एक ऐसे Language में जो सर्च इंजन क्रॉलर को बेहतर तरीके से समझता है उसे Schema Markup कहते हैं।  SEO के लिए Schema Markups जरुरी है।

9. Sitemap

Sitemap SEO के लिए एक अहम् रोल है, Sitemap से क्रॉलर को पता चलता है, की हमारे साइट पर कितने पोस्ट है और कितने पेजेज है। Sitemap एक .xml फाइल है, जिससे हमारी वेबसाइट की साइट मैपिंग दिखती है।

3. SEO राइटिंग क्या है?

High quality वाले आर्टिकल लिखें जो SEO कि सारे टेक्निक्स का पालन करती है, और टॉप पावर कीवर्ड टाइटल जो गूगल पर जल्द ही रैंक करें। ऊपर दिए हुए सारे स्किल्स को आप सिख लोगे तो आप आसानीसे SEO एक्सपर्ट्स बन सकते है। Online और YouTube बहोत सारे SEO के फ्री कोर्स उपलब्ध है, आज के वर्तमान काल में SEO Experts की बहोत ज्यादा जरुरत है।

4. SEO Marketers की औसत Income कितनी है?

Payscale के अनुसार SEO Marketers यह एक उच्च वेतन वाला Skills है, एक SEO मार्केटर का औसत वार्षिक वेतन 3.5 लाख – 10 लाख है।क्योंकि ब्लॉग्गिंग में SEO की बहोत ज्यादा जरुरत होती है।  हर किसीको SEO करना नहीं आता इसलिए वह SEO स्किल्स वाले बन्दे hire करते है।

SEO Marketer के लिए Freshers के लिए इंडिया में सैलरी सालाना 2 से 3 लाख रुपये है, और जिनको अच्छा Experience है, जो प्रोफेशनल्स है उनको 5 से 7 साल का experience है, उनकी average salary 3.5 से 7 लाख तक है। और उनसे भी ज्यादा senior और एडवांस लेवल स्किल वालों की सैलरी 15 से 25 लाख रुपये सालाना इनकम होती है।

फ्रीलांसिंग में अगर आप SEO मार्केटिंग का जॉब करते हो तो, औसत आपको $20-45 डॉलर घंटे का मिल सकता है। फ्रीलांसिंग से आप अच्छे पैसे कमा सकते है।

5. क्या SEO को Paid Tools की आवश्यकता है?

आपको Paid Tools की आवश्यकता नहीं है, क्यूंकि ऑनलाइन बहोत सारे टूल्स है जो आपको फ्री में इस्तेमाल करने मिलेंगे, स्टार्टिंग में आप फ्री टूल्स का ही इस्तेमाल करना, बादमे आप जब अच्छे पैसे SEO मार्केटिंग से कमा लेंगे तो आप Paid Tools का इस्तेमाल अपने काम में कर सकते हो।

6. SEO सीखने में कितना समय लगता है?

SEO सीखने में ज्यादा समय नहीं लगता यह आप पर डिपेंड है की आप उसपर कितना टाइम देते हो, आपको कोर्स देखने के साथ साथ उसकी प्रैक्टिस भी करनी जरुरी है। SEO डिटेल में आप सिखने गए तो, कम से कम 1 month और ज्यादा प्रैक्टिस करके परफेक्ट बनाना है तो 2 से 3 महीने काफी होंगे एक SEO मार्केटर और SEO Expert बनाने के लिए।


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